रामकथा:मित्र के दुख को दूर करने के लिए हर संभव कोशिश करनी चाहिए, कभी भी मित्र को दिया वचन न भूलें
श्रीराम ने बालि का वध किया और मित्र सुग्रीव को पत्नी और राजपाठ वापस दिलवाया, लेकिन सुग्रीव सीता की खोज में मदद करने का वचन ही भूल गए
from जीवन मंत्र | दैनिक भास्कर https://ift.tt/3ec9tQX
from जीवन मंत्र | दैनिक भास्कर https://ift.tt/3ec9tQX
Comments
Post a Comment